Ramrang

Rambaan, Rama, Ram, Shiva Ratan, Ramrang, Hanuman Chalisha, English Versions, Ramcharit Manas, Ramayan, Ganga, Tulsidas, Sundar Kaand, Durga

श्री राम शलाका प्रश्नावली

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  • श्री राम शलाका प्रश्नावली

    श्री रामचरितमानस रामशलाका प्रश्नावली ही वह सद्गुरु है जहाँ विना किसी अन्य व्यक्ति को जानकारी दिये बिना आप अपने प्रश्नों का सत्य उत्तर और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। यदि सच्ची श्रद्धा के साथ श्री रामचरितमानस रामशलाका प्रश्नावली से लिए मार्गदर्शन के आधार पर कोई निर्णय किया जाता है तो वह निश्चय ही लाभदायक और कल्याणकारी सिद्ध होता है, इसमें कोई भी संदेह नहीं है। भले ही वह उस समय पर सही न लगता हो परन्तु परिणाम आने तक यह सत्यता सिद्ध हो जाती है।

  • श्री प्रयोग विधि

    जब कोई भी प्रश्न उठे तो सबसे पहले सकारात्मक प्रश्न मन में बनायें:

    मुझे ऐसा करना है, मुझे यहाँ जाना है, मुझे इनसे सम्बन्ध रखना है, मुझे यह रास्ता चुनना है, इत्यादि।

    फिर उस प्रश्न को मन में दृढ़ता से रख कर मन में अपने ईष्ट देव का ध्यान करें और आँखें बन्दकर के माउस के तीर को नीचे लिखे शब्द  समूह पर ‘हे! प्रभु, मुझे ज्ञान का प्रकाश दीजिए’ अथवा ‘श्रीराम जय राम जय जय राम’ का उच्चारण करते हुए नौ बार चारों तरफ घुमायें और अंत में रोक दें। जहाँ पर माउस का तीर रुके, वहीं पर क्लिक करें तो नया विण्डो खुल जायेगा। इसमें आपकोएक पूरी चौपाई और उससे बनने वाला निर्णय उत्तर के रूप में मिल जायेगा। यदि आप संतुष्ट नहीं हैं तो विषम संख्या जैसे कि तीन बार, पाँच बार ऐसा कर के जो निर्णय ज्यादा बार आये उसी का अनुसरण करें। यदि तीन बार एक ही प्रकार का उत्तर प्राप्त हो तो परिणाम को निश्चित माननाचाहिये। अर्थात यदि हर बार सकारात्मक उत्तर प्राप्त हो तो आपका प्रयास निश्चित रूप से सफल होगा।

  • कृपया ध्यान दें

    आपका प्रश्न पूर्ण रूप से सकारात्मक अथवा नकारात्मक होना चाहिये।

    उदाहरण:

    सकारात्मकि: क्या मुझे इस लड़के/लड़की से विवाह करना चाहिये?, नकारात्मक: क्या मुझे यह वस्तु नहीं खरीदना चाहिये?, अथवा - क्या मुझे अपने बच्चों को वहाँ जाने देना चाहये?

    द्विविधा पूर्ण प्रश्न नहीं रखना चाहिये

    जैसे: मैं यह व्यापार करूँ या न करूँ, मैं पढ़ाइ्‍​र्र करूँ या नौकरी करूँ,  इत्यादि।

  • बहुत जरूरी बात

    हर घटना किसी कार्य के परिणामस्वरूप ही होती है, आपको इस प्रश्नावली से मार्गदर्शन लेने के बाद उसका पालन अवश्य करना चाहिए। यदि आपके मन में प्रश्नावली के प्रति विश्वास नही है, भक्ति और समर्पण की भावना नहीं है तो कृपया इस प्रश्नावली का प्रयोगबिल्कुल भी नही करें। जब आपने प्रश्नावली से मिले मार्गदर्शन का पालन करने का पूर्ण निश्चय कर लिया हो तभी इस प्रश्नावली का प्रयोग करें।

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